सावधान! आप भी करते हैं Tinder, बम्बल और ग्राइंडर डेटिंग Apps का इस्तेमाल, गांठ बांध लें ये 5 जरूरी बातें

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Photo:FILE Dating Apps

वह जमाना गया जब कहा जाता था कि जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं, अब जमाना ​डिजिटल है। बहुत से युवा जोड़ी बनाने के लिए टिंडर (Tinder) जैसी डेटिंग एप्स (Dating Apps) का इस्तेमाल करते हैं। इंटरनेट पर किसी अजनबी से मिलना और फिर उसके साथ डेट पर जाना, अब काफी आम हो चुका है। 

दुनिया के दूसरे देशों के साथ ही भारत में भी डेटिंग एप्स का चलन बढ़ रहा है। कई भारतीय आईटी स्टार्टअप भी अपनी डेटिंग एप्स लॉन्च कर चुके हैं। हाल ही में दिल्ली में हुए श्रद्धा मर्डर केस में भी एक ​डेटिंग एप का नाम आ रहा है जिस पर दोनों की मुलाकात हुई थी। हाल में हुई कई घटनाओं में क्राइम के लिए डेटिंग एप्स के इस्तेमाल की बात सामने आई है। ये डेटिंग एप्स आपके डेटा की सुरक्षा का दावा करती हैं, लेकिन आप यदि इनका इस्तेमाल करते हैं तो आपको भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। आज हम आपको ऐसे ही 5 टिप्स देने जा रहे हैं जो आपको काफी हद तक सुर​क्षा दे सकते हैं।

1. बहुत अधिक व्यक्तिगत जानकारी न दें

डेटिंग ऐप्स में जरूरत से ज्यादा पर्सनल जानकारी देना घातक हो सकता है। आमतौर पर इन एप्स में कुछ सेफ्टी फीचर्स होते हैं, जैसे आप ऐप पर किसी के साथ चैट कर सकते हैं और अगर सामने वाला आपके मिजाज से मेल नहीं खाता है, तो आप बात वहीं खत्म कर सकते हैं। एक बार जब आप बातचीत खत्म कर देते हैं, तो सामने वाले व्यक्ति के पास आप तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं होता है। लेकिन फिर भी आपको चैट के दौरान कुछ जानकारियां हरगिज नहीं देता चाहिए:

  • आपका पूरा नाम: कुछ ऐप आपको अपने दस्तावेजों में दर्ज पूरे नाम का उपयोग करने के लिए बाध्य करते हैं। आप ऐसी एप्स से बचें। आप हमेशा अपने पहले नाम या निकनेम को ही सोशल प्लेटफॉर्म पर दें। 
  • आपके सोशल मीडिया खाते की जानकारी: अपने डेटिंग ऐप को Instagram से कनेक्ट करना और तस्वीरें शेयर करना आपके लिए मजेदार हो सकता है, लेकिन यह किसी के लिए आपको ढूंढने का एक आसान तरीका भी है। भले ही आप मेल नहीं खाते।
  • आपका फ़ोन नंबर: बहुत से लोग बातचीत को एप की बजाए व्हाट्सएप पर करने के लिए आप पर दबाव डालते हैं। लेकिन जब तक आप उस व्यक्ति के साथ सहज महसूस नहीं करते तब तक अपना नंबर देने के लिए मजबूर न हों।
  • आपके घर या दफ्तर का पता: जब तक कि आप उस व्यक्ति से न मिलें और उस पर विश्वास करना न सीखें, इसे कभी भी साझा न करें।

2. जांचें कि क्या यह अकाउंट वैरिफाइड है

टिंडर, बम्बल और ग्राइंडर जैसे कुछ ऐप यूजर्स को वैरिफाइड होने का विकल्प देते हैं। इसका मतलब है कि उन्हें किसी तरह ऐप को साबित करना होगा कि वे एक वास्तविक व्यक्ति हैं। यह एक फोटो आईडी, उनके फोन कैमरा या अन्य दस्तावेजों के साथ हो सकता है। यदि कोई वैरिफाइड है, तो आप कह सकते हैं कि वे डेटिंग को लेकर गंभीर हैं। 

3. मिलने से पहले फोन या वीडियो कॉल करें

इससे पहले कि आप उन्हें पूरी तरह से जान न लें और किसी से व्यक्तिगत रूप से न मिलें, कोशिश करें कि वे आपसे फोन पर ही बात करें। जब आप वास्तव में उससे बात करेंगे तो वह पूरी तरह से अलग वाइब देगा। वहीं आज वीडियो कॉल का भी विकल्प है। आप उनके व्यक्तित्व के बारे में उनकी हाव-भाव और चेहरे के हाव-भाव से और जान सकते हैं।

4. उनकी बैकग्राउंड चेक करें 

आप यदि किसी से मिलने का मन बना रहे हैं तो उनके बैकग्राउंड के बारे में भी जानने का प्रयास करें। यह सुनिश्चित करें कि आपको चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके सोशल साइट्स पर आपको कुछ विचलित करने वाली तस्वीरें, नफरत फैलाने वाले ग्रुप, या आपराधिक रिकॉर्ड दिखाई दे सकते हैं।इसका सबसे आसान तरीका उनके नाम से Google सर्च करें। आप उनके फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम को भी ट्रैक कर सकते हैं, और पिछले कुछ हफ्तों से पोस्ट पर जा सकते हैं। टिंडर आपको अपने मैचों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच करने की सुविधा भी देता है, जबकि यदि आप टिंडर का उपयोग नहीं करते हैं तो पृष्ठभूमि की जांच करने वाली अन्य वेबसाइटें भी हैं।

5. सार्वजनिक रूप से मिलें और अपनी लोकेशन शेयर करें

सबसे आखिरी बात, जब आप पर्सनली मिलने की प्लानिंग कर रहे हैं तो किसी अनजान जगह की बजाए मॉल, मार्केट, सिनेमा जैसी सार्वजनिक जगहों पर मिलें। इसके साथ ही आप अपनी लोकेशन को दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं। 

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