सेनाधिकारी की बेटी की रहस्यमय तरीके से मौत, पिछले हफ्ते चलती वैन में हुई थी छेड़छाड़

सेनाधिकारी की बेटी से...- India TV Hindi News

Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE
सेनाधिकारी की बेटी से चलती वैन में हुई थी छेड़छाड़ (Representational Image)

लखनऊ: सेना की एक महिला अधिकारी की बेटी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। पिछले हफ्ते कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया गया था और उसके साथ छेड़छाड़ की गई थी। लेकिन परिजन मामले में किसी भी तरह की जांच से मना कर रहे हैं। पीड़िता की मां ने पुलिस को उसकी मौत की जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त पूर्वी क्षेत्र, प्राची सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि वे पीड़िता की मां को छेड़छाड़ की FIR के संबंध में बयान दर्ज कराने के लिए बुला रहे थे, लेकिन वह कहती रहीं कि वह बाद में आएंगी।

पोस्टमार्टम के बिना ही बेटी का अंतिम संस्कार

डीसीपी ने कहा, इसके बाद जब मैंने उन्हें फोन किया, तो मुझे बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है और वह इस मामले में कोई जांच नहीं चाहती हैं। उन्होंने पोस्टमार्टम के बिना ही अपनी बेटी का अंतिम संस्कार भी कर दिया। हालांकि पुलिस ने कहा कि वह मामले की जांच करेगी।

परिवार कोई कार्रवाई नहीं चाहता
डीसीपी ने कहा कि 8 नवंबर को जब महिला अधिकारी शिकायत लेकर आईं तो हमने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा, हमने पीड़िता की मां के बताए अनुसार करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की जांच की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। डीसीपी ने कहा कि अचानक सेना के अधिकारी ने छावनी पुलिस स्टेशन को अपनी बेटी की आत्महत्या के बारे में सूचित किया और जांच बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक हलफनामा भी जमा किया गया था कि परिवार अपनी बेटी के मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहता है। डीसीपी ने छावनी क्षेत्र में एक सहायक पुलिस आयुक्त को मामले की जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

छेड़छाड़ के बाद लड़की को फेंका
युवती का कहना था कि वह तेलीबाग के लिए ऑटो में सवार हुई थी। जैसे ही वह ऑटो से बाहर निकली, दो युवकों ने उसे एक सफेद वैन में खींच लिया, जिसे एक अन्य व्यक्ति चला रहा था। उसने यह भी आरोप लगाया था कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई, उसके कपड़े फाड़ दिए गए और उसे पीटा गया और गाली दी गई। उन्होंने कैश और उसका क्रेडिट कार्ड भी लूट लिया था और बाद में उसे फेंक दिया था।

Latest Uttar Pradesh News





Source link

By Ashish Borkar

“l still believe that if your aim is to change the world, journalism is a more immediate short-term weapon.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *