FIFA World Cup 2022: फ्रांस करेगा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभियान का आगाज, डिफेंडिंग चैंपियन की ये हैं कमजोर कड़ियां

France vs Australia- India TV Hindi News

Image Source : GETTY
France vs Australia

FIFA World Cup 2022: फ्रांस की टीम फीफा वर्ल्ड कप 2022 में बतौर डिफेंडिंग चैंपियन शामिल है। यानी उसपर प्रदर्शन का सबसे ज्यादा दबाव का होना लाजिमी है। इसके लिए कई सारे ऐसे फैक्टर्स हैं जिन्हें फ्रांस को दुरुस्त करना होगा। हालांकि इंजरी के कारण उसके सबसे बड़े स्टार प्लेयर करीम बेंजेमा पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं, इसके बावजूद फ्रांस को ट्रॉफी का दावेदार माना जा सकता है।

बेंजेमा के हटने के बावजूद फ्रांस का फॉरवर्ड मजबूत

France national football team

Image Source : GETTY

France national football team

फ्रांस को फीफा वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करनी है। करीम बेंजेमा का बाहर होना फ्रांस के लिए एक बड़ा झटका है लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में भी इसका फॉरवर्ड लाइनअप काफी मजबूत है। काइलन एमबापे, एंटोनी ग्रिजमैन या ओलिवर गिरोड जैसे धुरंधर की मौजूदगी फ्रांस के फॉरवर्ड अटैक को घातक बना देगी। इन तीनों ने मिलकर फ्रांस के लिए 119 इंटरनेशनल गोल दागे हैं। इन तीनों की स्पीड, एक्सपिरिएंस और स्किल का सब लोहा मानते हैं। यानी ऑस्ट्रेलिया को इस मैच में इस तिकड़ी से सबसे ज्यादा खतरा होगा।

फ्रांस का मिडफील्ड कमजोर

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ग्रुप डी मैच में फ्रांस को मिडफील्ड की कमजोरियों से उबरना होगा। फ्रांस की मिडफील्ड उतनी मजबूत नहीं है और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह टीम के लिए परेशानी का सबब हो सकता है। दोनों टीम चार साल पहले वर्ल्ड कप के अपने पहले मुकाबले में आमने-सामने थीं जिसमें फ्रांस को 2-1 से जीत दर्ज करने में काफी पसीना बहाना पड़ा था जबकि उस समय टीम के पास मिडफील्ड में उसके बेस्ट प्लेयर्स मौजूद थे।

फ्रांस को खलेगी कांते और पॉल पोग्बा की कमी

Didier DESCHAMPS

Image Source : GETTY

Didier DESCHAMPS

फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स को मिडफील्ड में चोटिल एनगोलो कांते और पॉल पोग्बा की कमी खल रही है जो 2018 की टीम का हिस्सा थे। फ्रांस के लिए 91 मैच खेलने वाले पोग्बा ने अपने 11 गोल में से एक गोल क्रोएशिया के खिलाफ फाइनल में टीम की 4-2 की जीत के दौरान दागा था। पोग्बा की फॉर्म में पिछले वर्ल्ड कप के बाद से उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। टीम को हालांकि कांते की कमी ज्यादा खलेगी जिन्होंने टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।

रेबियोट पर होगी फ्रांस के मिडफील्ड को संभालने की जिम्मेदारी

इन दोनों की गैरमौजूदगी में मिडफील्ड में एड्रियन रेबियोट पर जिम्मेदारी रहेगी। वह 29 इंटरनेशनल एपियरेंस के साथ टीम के सबसे अनुभवी मिडफील्डर हैं। रेबियोट के मिडफील्ड में लेफ्ट विंग से उतरने की उम्मीद है। वहीं एडवर्डो कामावाइंगा या मातियो गुएनडोजी के राइट विंग पर खेलने की उम्मीद है।

ऑस्ट्रेलिया की मिडफील्ड फ्रांस से मजबूत

ऑस्ट्रेलिया की मिडफील्ड मजबूत है जिसकी अगुआई अनुभवी आरोन मूई करते हैं। वर्ल्ड कप 2014 में मैथ्यू लेकी ऑस्ट्रेलिया के बेस्ट प्लेयर थे और एक बार फिर टीम को उनसे काफी उम्मीदें होंगी। लेकी 13 इंटरनेशनल गोल के साथ टीम के टॉप स्कोरर भी हैं।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *