रायगढ़। रायगढ़ जिले में पुलिस ने मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस मामले में गिरफ्तार 22 आरोपियों में 14 युवतियां शामिल थीं। इनके साथ 8 युवकों को भी गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता में संचालित कॉल सेंटर पर दबिश देकर ये कार्रवाई की गई है।पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी कॉल कर मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर लोगों को फंसाते थे। लोगों को मोटी रकम देने के साथ ही हर महीने किराये देने की बात करते थे। पुलिस ने आरोपियों से कई मोबाइल जब्त किया है।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
पुलिस केअनुसार पीड़ित आदित्य मिश्रा ने पुसौर थाने में 8 सितंबर 2022 को धोखाधड़ी का रिपोर्ट दर्ज कराया गया था। उसे अगस्त माह में 3 अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर गांव में एयरटेल कंपनी का टॉवर लगाने के संबंध में चर्चा कर घर और प्लाट की जरुरत बताई गई थी। बदले में प्रति माह 15,000 रुपए किराया और बोनस के तौर पर 15 लाख रुपए एक साथ देने का लालच दिया था। ये बाते बताकर ठगों ने डाक्यूमेंट्स तैयार करने, इंश्योरेंस, NOC और मटेरियल के लिए रुपये जमा करने की बात कही। पीड़ित से कुल 1,82,460 रुपये जमा कराकर धोखाधड़ी किया गया था ।

आरोपियों की पतासाजी के लिए पुलिस टीम पश्चिम बंगाल रवाना हुई। टीम को पुलिस अधीक्षक मीना मार्गदर्शन कर रहे थे। उन्होंने साइबर सेल को आवश्यक जानकारियां टीम को शेयर करने कहा गया था । रायगढ़ पुलिस स्थानीय कोलकाता जोरासांकी पुलिस की मदद से जोरासांकी मेट्रो के गेट परबड़ी सूझबूझ से रेड कर आरोपी शमसूल हुसैन (19 साल) निवासी बेलगछिया रोड कोतकाता को हिरासत में लिया गया ।

दो कमरों में चल रहा था कॉल सेंटर
आरोपी शमसूल पुलिस की कड़ी पूछताछ में बताया कि उस बिल्डिंग के दो कमरों को उनका परिचित किराए में लेकर अवैध तरीके से कॉल सेंटर चला रहे हैं। आरोपी देशभर में लोगों को मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर कॉल कर ठगते थे। सभी का अलग-अलग काम हैं, ऑफिस में मैनेजर-गोपाल कंडार और दीपिका मंडल तथा टीम लीडर-बीना साव उर्फ़ डाली, मधु यादव, जूली सिंह, स्नेहा पाल, पूजा राय है उनके साथ –राम कुमार साव, पूजा सिंह, विशाल सेठ, पिंकी राजभर, पूजा पासवान, पूजा शर्मा, रिंकी साव, इंद्रोजीत दास, पूजा दास, अंकु गुप्ता, अनिल शाह, कामिनी पोद्दार, प्रियंका चौधरी, रोहित साव सभी लोगों को ठगी करने में माहिर हैं ।

रोजाना करीब 300 लोगों को कॉल
ऑफिस के स्टाफ दो अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। इनके सीनियर के कहने पर सभी आरोपी रोजाना 250 से 300 लोगों को कॉल करते हैं और अपना-अपना डायरी मेंटेन करते थे। ताकि कस्टमर से कितने रुपए प्राप्त हुए किन से क्या डॉक्यूमेंट लेना है। इन सब का जिक्र उस डायरी में होता था। सभी अलग-अलग नामों से लोगों को कॉल करते थे।

आरोपी शमसूल बताया कि उसके सीनियर गूगल से सीरीज नंबर लेकर इन्हें मुहैया कराते थे और उन नंबरों पर कॉल कर लोगों को अपने झांसे में लेना होता है। ये लोग सबसे पहले कॉलर से टॉवर लगाने के नाम पर लुभावनी स्कीम बताते थे जिसमें उनसे पूछा जाता था कि क्या उनके पास 10X10 का जमीन है किसके अधिकार की जमीन है । उसके बाद जमीन पर टॉवर लगाने की फ्रॉड स्कीम बताकर प्रलोभन देते थे कि इन्हें 10 साल के लिए 15,00,000 रुपए देंगे, 12,000 प्रतिमाह किराया देंगे तथा घर के एक पढ़े-लिखे सदस्य को 10 से 15,000 की नौकरी भी दी जाएगी।

14 युवतियां और 8 लड़के गिरफ्तार
जब कॉलर राजी हो जाता था तब उन्हें कमर्शियल लाइसेंस, इंश्योरेंस, NOC के नाम पर डॉक्यमेंट औक रुपये मांगे जाते थे। इनके पास केवल एक स्मार्टफोन मोबाइल नंबर 8902251001 है जो उनके कॉल सेंटर में रखा है। इस स्मार्टफोन का इस्तेमाल व्हाट्सएप के जरिए डॉक्यूमेंट मंगाने का होता था। कस्टमर इनके लुभावने स्कीम में आ जाने पर उन्हें अपने सीनियर कॉल सेंटर के दोनों संचालक, मधु, गोपाल, स्नेहा, बिना उर्फ डाली, दीपिका मंडल, पूजा राय आदि हैंडल करते थे ।

5 में से एक झांसे में आता था
आरोपियों के मुताबिक हर 5 में से एक व्यक्ति इनके झांसे में आता है। एसपी मीना ने दफ्तर में रेड कर कॉल सेंटर में काम कर रहे 14 लड़की और 8 लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर आरोपियों से घटना में इस्तेमाल ऑफिस और उनके खुद के नीजी प्रयोग के 44 मोबाइल और सभी आरोपियों की डायरियां जब्त की।

By Gopi Soni

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