अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला केस: बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिका पर आज सुनवाई

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वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला

सुप्रीम कोर्ट आज अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने पिछले हफ्ते हुई सुनवाई में कहा था कि दो अलग-अलग जमानत याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई होगी। जांच एजेंसियों के एक अधिवक्ता ने बताया था कि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू इस मामले में पेश होंगे और चूंकि वह आज यात्रा कर रहे हैं, इसलिए सुनवाई स्थगित की जाए। पिछले हफ्ते पीठ ने कहा था, ‘‘हम सोमवार को सुनवायी शुरू करेंगे और फिर इसे (मामले को) एक हिस्से की सुनवाई पूरी होने के तौर पर रखेंगे।’’ 

50 प्रतिशत सजा काट चुका है मिशेल 

इससे पहले इस साल मई में शीर्ष अदालत ने जमानत याचिकाओं पर सीबीआई और ईडी से जवाब मांगा था। 3,600 करोड़ रुपये का कथित घोटाला अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद से संबंधित है। पिछली सुनवाई के दौरान, आरोपी के वकील ने कहा था कि मामला सीआरपीसी की धारा 436ए (अधिकतम अवधि जिसके लिए विचाराधीन कैदी को हिरासत में लिया जा सकता है) के तहत आता है और उसने उस अपराध के लिए 50 प्रतिशत सजा काट ली है जिसे अंजाम देने का उस पर आरोप है। उसके वकील ने कहा था कि आरोपी को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और तब से वह हिरासत में है और जांच अभी भी पूरी नहीं हुई है। वकील ने कहा था कि मिशेल की दलील यह है कि भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत अधिकतम सजा पांच साल की है और वह करीब चार साल काट चुका है। 

क्यों नहीं मिल पा रही मिशेल जेम्स को जमानत
जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा था कि बड़ी मुश्किल से जांच एजेंसी को उनकी हिरासत मिली है और ईडी की कार्यवाही पर धारा 436ए लागू नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मिशेल ब्रिटेन का रहने वाला है और उसे दुबई से प्रत्यर्पित करके लाया गया था। मिशेल ने 11 मार्च के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है जिसमें उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सीबीआई और ईडी दोनों मामलों में अपनी रिहाई की मांग करते हुए आरोपी ने कहा था कि जांच के लिए उसकी जरूरत नहीं है और उसने जांच में सहयोग करने की इच्छा जताई थी। पिछले साल सीबीआई और ईडी दोनों मामलों में जमानत याचिका खारिज करते हुए एक निचली अदालत ने कहा था कि समग्र तथ्यों और परिस्थितियों, आरोपों की गंभीर प्रकृति, अपराध की गंभीरता और आरोपी के आचरण पर विचार करते हुए, वह इस मामले को जमानत देने के लिए उपयुक्त नहीं मानती। मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और बाद में दोनों जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया गया था। 

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By Ashish Borkar

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