iPhone में वर्षों से हो रहा Sony के कैमरा का इस्तेमाल, Apple का खुलासा
अमेरिकी स्मार्टफोन कंपनी Apple ने भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही एक्सपोर्ट भी बढ़ाया है। कंपनी ने दिसंबर में देश से एक अरब डॉलर के हैंडसेट्स का एक्सपोर्ट किया है। एपल के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स Foxconn और Wistron भारत में आईफोन की असेंबलिंग करते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड IT सेक्रेटरी, Alkesh Kumar Sharma ने ग्लोबल बिजनेस कम्युनिटी को G20 के एक फोरम में दिसंबर में एक अरब डॉलर के आईफोन के एक्सपोर्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताा कि भारत को सर्विसेज से प्रोडक्ट में बड़ी हिस्सेदारी वाले देश के तौर पर बदलने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ स्कीम्स लॉन्च की हैं। उनका कहना था, “प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से वास्तव में फायदा हुआ है। देश में मोबाइल की मैन्युफैक्चरिंग अगले लेवल पर पहुंच गई है। एपल ने भारत के लिए मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही एक्सपोर्ट भी बढ़ाया है। दिसंबर में कंपनी ने एक अरब डॉलर के स्मार्टफोन्स का एक्सपोर्ट किया है।” उन्होंने बताया कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, सेमीकंडक्टर्स के लिए एक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। सरकार का जोर उभरती हुई टेक्नोलॉजीज पर है।

एपल ने iPhone के कुल प्रोडक्शन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का टारगेट बनाया है। कंपनी के लिए यह आंकड़ा अभी लगभग सात प्रतिशत का है। एपल ने कुछ वर्ष पहले अपनी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर Wistron के जरिए देश में आईफोन की असेंबलिंग शुरू की थी।

कंपनी की योजना के बारे में कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर Piyush Goyal ने सोमवार को जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, “एपल सफलता की एक अन्य कहानी है। इससे भारत एक कॉम्पिटिटिव मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के तौर पर उभरा है। कंपनी पहले ही देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग का 5-7 प्रतिशत रखती है। अगर मैं गलत नहीं हूं तो कंपनी का टारगेट इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना है। इसने भारत में बने नए मॉडल्स को लॉन्च किया है।” हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि एपल कब तक इस टारगेट को पूरा कर सकती है। फॉक्सकॉन की योजना अगले दो वर्षों में देश में अपनी फैक्टरी में वर्कफोर्स को बढ़ाकर चौगुना करने की है। एपल के लिए चीन मैन्युफैक्चरिंग का हब है। हालांकि, पिछले वर्ष कोरोना के कारण लगी पाबंदियों और अन्य मुश्किलों के कारण एपल की मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा असर पड़ा था। इसके बाद कंपनी ने चीन से अपने प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा शिफ्ट करने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।

By Gopi Soni

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