भारत के UPI और आधार को लागू कर सकते हैं 7 देश
कई देश डिजिटाइजेशन बढ़ाने के लिए भारत की प्रमुख टेक्नोलॉजीज का इस्तेमाल करना चाहते हैं। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि देश में डिवेलप किए गए आधार और UPI जैसे टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स को लागू करने के लिए सात देश मार्च तक कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री Rajeev Chandrasekhar ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन देशों में डिजिटाइजेशन बढ़ाने में मदद के लिए भारत के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स की पेशकश करने का फैसला किया है।

India Stack Developer Conference में चंद्रशेखर ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मार्च तक पांच से सात देश इसके लिए साइन अप कर सकते हैं।” G20 की अध्यक्षता की जिम्मेदारी के हिस्से के तौर पर सरकार की योजना कई देशों को आधार, UPI, DigiLocker और GSTN जैसे टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स की पेशकश करने की है। इससे देश के स्टार्टअप्स को भी फायदा मिल सकता है। हाल ही में में यह रिपोर्ट दी गई थी कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 10 देशों से गैर-निवासियों को UPI के इस्तेमाल से NRE/NRO एकाउंट्स से फंड ट्रांसफर करने की अनुमति दी है।

NPCI ने एक सर्कुलर में UPI से जुड़े स्टेकहोल्डर्स को अप्रैल के अंत तक एक मैकेनिज्म बनाने के लिए कहा था कि जिससे NRE/NRO एकाउंट्स रखने वाले गैर-निवासियों को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए ट्रांजैक्शन के लिए इंटरनेशनल मोबाइल नंबर्स का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलेगी। यह सुविधा शुरुआत में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, हांगकांग, ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित 10 देशों में गैर-निवासियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

पिछले महीने UPI पेमेंट्स 12.82 लाख करोड़ रुपये के साथ रिकॉर्ड हाई पर पहुंची हैं। इस प्लेटफॉर्म पर दिसंबर में लगभग 782 करोड़ ट्रांजैक्शंस हुई। नवंबर में UPI पेमेंट्स 11.90 लाख करोड़ रुपये की थी। इससे पहले अक्टूबर में UPI के जरिए पेमेंट्स ने 12 लाख करोड़ रुपये को पार किया था। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने बताया था, “देश में डिजिटल पेमेंट में बदलाव लाने में UPI ने बड़ा योगदान दिया है। दिसंबर में 12.82 लाख करोड़ रुपये की लगभग 782 करोड़ ट्रांजैक्शंस हुई हैं।” UPI एक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है जिससे एक बैंक से दूसरे में ट्रांजैक्शंस की जा सकती हैं। ये ट्रांजैक्शन मोबाइल के जरिए आसानी से होती हैं। इसमें कोई चार्ज नहीं देना होता। पेमेंट का यह जरिया लगातार बढ़ रहा है और इसमें 381 बैंक शामिल हैं। फाइनेंशियल इनक्लूजन को आगे बढ़ाने में भी UPI से काफी मदद मिल रही है।

By Gopi Soni

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