Headlines

भूपेश बघेल बोले- नक्सलियों की ताकत पहले से कम हुई:जय-वीरू ने साथ बैठकर खाया;बैज बोले- बीजेपी सरकार में आदिवासियों के घर जलाए जाते थे

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की जोड़ी आज जगदलपुर में है। जय-वीरू यानी कका-बाबा की जोड़ी ने चुनावी कमान संभाल ली है। जगदलपुर में भूपेश बघेल ने कहा, नक्सलियों की ताकत पहले से कम हुई है। अब नक्सलियों ने लड़ाई लड़ने का तरीका बदल दिया है। विश्व आदिवासी दिवस आयोजित कार्यक्रम में दीपक बैज ने कहा है कि, बीजेपी की सरकार में आदिवासियों के घर जलाए जाते थे।

पहले ब्लास्ट करके हमला करते थे। लेकिन अब टारगेट करके घर जाकर हत्या कर रहे हैं। या तो गला रेत रहे हैं। या फिर गोली मारकर जान ले रहे हैं। जल्द ही इनका सफाया किया जाएगा। भूपेश बघेल ने आगे कहा, मैं कोई दिन या तारीख नहीं बताऊंगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि नक्सलियों को पीछे धकेला जाएगा।

पिछले 5 सालों में नक्सली काफी हद तक पीछे हटे हैं। अब इस बार फिर कांग्रेस की सरकार बनती है। तो ये केवल नाम मात्र के रह जाएंगे। इसके अलावा CM ने BJP पर तंज कसते कहा कि, उनके शासनकाल में आदिवासियों को नक्सली बताकर गोली मार दी जाती थी।

जगदलपुर में दोनों नेता सिंहदेव और भूपेश बघेल ने ने साथ बैठकर खाना भी खाया।

जगदलपुर में दोनों नेता एक साथ मंच पर नजर आए। साथ बैठे और दोनों ने साथ खाना भी खाया। एयरपोर्ट पर जब पहुंचे तो लोगों ने उन्हें गुलाब का फूल देकर उनका स्वागत किया। सरगुजा में सोनतराई हेलीपेड से सीतापुर स्टेडियम ग्राउंड पहुंचकर विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय रायपुर के राजीव भवन में आदिवासी गौरव पर्व मनाया गया। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, सहप्रभारी विजय जांगिड़, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यहां दीपक बैज ने आदिवासियों पर हुए अत्याचार के लिए बीजेपी की 15 सालों के कार्यकाल को जिम्मेदार ठहराया।

जगदलपुर में सीएम भूपेश और डिप्टी सीएम सिंहदेव सभी कार्यक्रमों में साथ पहुंचे।

जगदलपुर में सीएम भूपेश और डिप्टी सीएम सिंहदेव सभी कार्यक्रमों में साथ पहुंचे।

अब सिलसिलेवार जानिए CM की घोषणाएं

  • बस्तर संभाग के सभी जिला मुख्यालयों में खोले जाएंगे बीएड और डीएड कॉलेज।
  • जगदलपुर में 100 करोड़ रूपए की राशि से बनेगा इंडोर स्टेडियम
  • शासकीय महाविद्यालय तोकापाल एवं लोहंडीगुड़ा में 50-50 सीटर बालक-बालिका छात्रावास का निर्माण।
  • मडरीमहु-उरुकपाल से कुमाकोलेंग लंबाई 14.50 किलोमीटर मार्ग का निर्माण।
  • जिला न्यायालय जगदलपुर चौक जगदलपुर का नामकरण ‘भूमकाल चौक‘‘ किया जाएगा।
  • भंवरडीह नदी में उच्च स्तरीय पुल का होगा निर्माण।

दौरे के क्या है सियासी मायने
टीएस सिंहदेव के क्षेत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस दौरे के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में जब भी ये जोड़ी साथ दिखाई देती है, तब राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ जाती है। जय टीएस सिंहदेव और वीरू सीएम भूपेश बघेल को कहा जाता है, बदलते समय के साथ अब ये कका और बाबा की जोड़ी कहलाने लगी है लेकिन सियासी गलियारों में दोनों के बीच मतभेद किसी से छिपा नहीं है और अब क्योंकि पार्टी ने टीएस सिंहदेव को प्रदेश का नया डिप्टी सीएम बनाया है तब लोगों के बीच मिलकर चुनाव लड़ने का संदेश देना जरूरी हो गया था।

इससे पहले भी दोनों एक साथ एक मंच पर दिखाई दिए लेकिन डिप्टी सीएम बनने के बाद टीएस सिंहदेव के ही क्षेत्र में मुख्यमंत्री का दौरा कराकर कांग्रेस ये संदेश देना चाहती है कि चुनाव से पहले पूरी पार्टी एक साथ है। इधर सूबे के खाद्यमंत्री और सीतापुर विधायक अमरजीत भगत में जो आपसी मन-मुटाव रहा, वो भी पूरे साढ़े चार साल तक चर्चा का विषय बना रहा। अभी जब विधानसभा चुनाव नजदीक है तब मन-मुटाव पर पर्दा डालकर साथ-साथ दिखाना जरूरी हो गया है। कहा जा रहा है कि इसलिए सीतापुर इलाके में लगे फ्लैक्स और होर्डिंग्स में सीएम और अमरजीत के साथ टीएस सिंहदेव की तस्वीर भी दिखाई दे रही है।

संसदीय सचिव रेखचंद जैन के निवास पर सीएम भूपेश और टीएस सिंहदेव एक साथ पहुंचे।

संसदीय सचिव रेखचंद जैन के निवास पर सीएम भूपेश और टीएस सिंहदेव एक साथ पहुंचे।

इससे पहले मौसम की वजह से टला था दौरा
इससे पहले 8 जुलाई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव का दौरा खराब मौसम की वजह से टल गया था। दोनों नेता लम्बे वक्त के बाद एक साथ सरगुजा का दौरा कर रहे थे, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार था लेकिन खराब मौसम की वजह से दौरा रद्द हो गया फिर सीएम हाउस से दोनों वर्चुअली कार्यक्रम में जुड़े लेकिन विश्व आदिवासी दिवस पर आज दोनों एक साथ दिखाई दे रहे हैं।

जगदलपुर में भी साथ दिखे दोनों
जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रमों में भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव साथ दिखाई दिए। यहां मिलेट कैफे का शुभारंभ और जगलदपुर विधायक और संसदीय सचिव रेखचंद जैन के घर पर दोनों साथ गए। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के बाद दोनों एक साथ सरगुजा के लिए रवाना होंगे। बीते साढ़े चार सालों में दोनों इससे पहले राहुल और प्रियंका गांधी के जगदलपुर दौरे के समय एक मंच पर दिखाई दिए थे।

सरगुजा के सीतापुर में सीएम के दौरे के दौरान होने वाले कार्यक्रम की तैयारी।

सरगुजा के सीतापुर में सीएम के दौरे के दौरान होने वाले कार्यक्रम की तैयारी।

आदिवासी सीटों पर फोकस
कांग्रेस का सीधा फोकस प्रदेश की आदिवासी सीटों पर हैं। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति की 29 सीटें आरक्षित है, जिनमें 27 सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं जबकि 2 सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। सरगुजा और बस्तर संभाग राज्य के आदिवासी बाहुल्य इलाके हैं। बीजेपी और कांग्रेस के सीनियर लीडर लगातार इन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। बस्तर की 12 विधानसभा सीटों में से 11 विधानसभा सीट एसटी के लिए आरक्षित हैं जबकि सरगुजा की 14 में से 9 सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर कांग्रेस की यही कोशिश होगी कि चुनाव से पहले इस वर्ग को साधा जाए। लिहाजा इन इलाकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी मंच से की जा रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *