हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी मर्डरकेस में शूटर अरेस्ट:आरोपी ने उपलब्ध कराया था पिस्टल और कारतूस, अब तक 21 गिरफ्तार, तीन शूटर्स अब भी फरार

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी हत्याकांड में फरार एक शूटर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने ही इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी कपिल त्रिपाठी को पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराया था। पुलिस ने उसे उत्तरप्रदेश के लखनऊ ATS की मदद से साथ मिलकर पकड़ा है। पुलिस अब तक इस केस में 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि, तीन शूटर अभी भी फरार है। मुख्य आरोपी की पत्नी हाईकोर्ट से जमानत पर है।

अज्ञात हमलावरों ने हिस्ट्रीशीटर कांग्रेस नेता की गोली मारकर की थी हत्या।

अज्ञात हमलावरों ने हिस्ट्रीशीटर कांग्रेस नेता की गोली मारकर की थी हत्या।

सिविल लाइन CSP और IPS ने बताया कि इस केस में चार शूटर्स की पहचान कर ली है, जिनकी तलाश की जा रही थी। फरार शूटर्स के पास गिरफ्तार आरोपी अमन गुप्ता की कार भी है, जिसे पुलिस ढूंढ रही है। फरार आरोपियों में उत्तरप्रदेश के गाजीपुर के संदपुर देवकाली मउपारा निवासी ताबिज अंसारी उर्फ इरफान अहमद (28) भी शामिल था। उसे लखनऊ ATS की मदद से पकड़ा गया है।

पूछताछ में उसने बताया कि कपिल त्रिपाठी को पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराया था। वह UP में हत्या की सुपारी भी लेता है। पुलिस हत्याकांड के इस केस में बनारस निवासी शूटर दानिश अंसारी (32), बनारस निवासी एजाज अंसारी उर्फ ऐज उर्फ सोनू (35), चित्रकूट के मानिकपुर निवासी विनय द्विवेदी उर्फ गुरुजी उर्फ वासू सिंह की तलाश कर रही है।

हत्याकांड में शामिल उत्तरप्रदेश के शूटर ने कपिल को दिया था पिस्टल और कारसूत।

हत्याकांड में शामिल उत्तरप्रदेश के शूटर ने कपिल को दिया था पिस्टल और कारसूत।

अब जानिए कब हुई थी संजू त्रिपाठी की हत्या
14 दिसंबर को सकरी बाइपास में कुदुदंड निवासी हिस्ट्रीशीटर और कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद पुलिस ने संजू त्रिपाठी के भाई कपिल त्रिपाठी को मुख्य आरोपी मानकर उसकी तलाश शुरू कर दी। लेकिन, कपिल त्रिपाठी अपने दोस्त प्रॉपर्टी डीलर केदार सिंह और रवि सिंह के साथ उसकी थार गाड़ी से रायपुर-भिलाई गया और वहां से नागपुर होते हुए दिल्ली भाग गया।

पुलिस ने इस केस में केदार सिंह के साथ ही रवि सिंह को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि बिलासपुर से भागने के बाद कपिल ने अपना मोबाइल बंद कर दिया था। लेकिन, वह केदार सिंह के मोबाइल पर लगातार अपने पिता और दोस्त सुमित निर्मलकर से बात कर रहा था। उन्हें यह भी पता चल गया था कि पुलिस उनकी तलाश कर रही है। यही वजह है कि उसने कपिल को भिलाई छोड़ने से पहले रास्ते में मध्यप्रदेश पासिंग की गाड़ी में बैठा दिया।

मुख्य आरोपी कपिल पर पिता, पत्नी, रिश्तेदार और दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

मुख्य आरोपी कपिल पर पिता, पत्नी, रिश्तेदार और दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

अब तक 21 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने इस केस में कपिल त्रिपाठी के साथ ही उसके पिता जयनारायण त्रिपाठी, पत्नी सुचित्रा त्रिपाठी, मुंह बोली बहन कल्याणी, जीजा भरत तिवारी आशीष तिवारी, रवि तिवारी रिश्तेदार और उसके सहयोगी दोस्तों में प्रेम श्रीवास, सुमीत निर्मलकर, अमन गुप्ता, राजेंद्र सिंह ठाकुर, केदार सिंह और रवि सिंह के साथ ही उत्तरप्रदेश के वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के ग्राम कमौली निवासी सावन पाठक (22), उत्तरप्रदेश बनारस के अभिषेक मिश्रा, बनारस निवासी वाल्मिकी उर्फ पप्पू दाढ़ी (38) और ताबिज अंसारी समेत 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

दोस्त को मिल गई है जमानत
हत्याकांड के सहआरोपी रवि सिंह ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई थी, जिसमें बताया कि उसे संजू त्रिपाठी की हत्या की जानकारी नहीं थी। वह रायपुर जाने के लिए निकला था, तभी केदार सिंह का फोन आया और वह साथ ले जाने के लिए बोला। उसने चकरभाठा स्थित KIA शो रूम के पास मिलने की बात कही। जब वह शो रूम के पास पहुंचा तो वहां केदार सिंह के साथ कपिल त्रिपाठी भी था। दोनों उसके साथ रायपुर जाने के लिए निकल गए। तब उसे यह नहीं पता था कि संजू त्रिपाठी की हत्या हो गई है और कपिल आरोपी है। पुलिस ने रवि सिंह को बिना किसी आधार के हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने आरोपी रवि सिंह को जमानत दे दी है।

बच्चों की देखभाल करने के लिए कपिल की पत्नी को दी गई है सशर्त जमानत।

बच्चों की देखभाल करने के लिए कपिल की पत्नी को दी गई है सशर्त जमानत।

मुख्य आरोपी की पत्नी को भी बेल
संजू त्रिपाठी हत्याकांड में मुख्य आरोपी कपिल त्रिपाठी की पत्नी सुचित्रा त्रिपाठी को भी हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। कोर्ट उसे 25 हजार रुपए के मुचलके और ट्रायल कोर्ट में हाजिरी देने की शर्तों पर बच्चों की देखभाल के लिए जमानत दी है। इधर, ट्रायल शुरू होने के पहले ही आरोपियों को जमानत मिलने पर पुलिस की जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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