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हाईवे पर सपनों का सफर,लेडी ट्रक ड्राइवर की कहानी:जेसीबी-हाईवा चलाता देख लोग हो जाते हैं हैरान;पिता कहते हैं-‘म्हारी छोरी छोरों से कम है के’

दुर्ग जिले के अमलेश्वर की रहने वाली काजल गुर्जर (खारी) को जेसीबी, हाईवा और ट्रक चलाते हुए देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। जिन गाड़ियों के लिए लोगों की सोच है कि इन्हें सिर्फ लड़के ही चला सकते हैं या भारी वाहनों के चलाने के प्रोफेशन में सिर्फ पुरुष ही उतर सकते हैं, उन भारी वाहनों को चलाकर काजल एक मिसाल कायम कर रही है।

लेडी ट्रक ड्राइवर काजल गुर्जर का आत्मविश्वास देखते ही बनता है। वो पूरे कॉन्फिडेंस से कहती हैं कि लड़की वो हर काम कर सकती है, जिसे लड़के करते हैं। प्रकृति ने दोनों को समान ताकत दी है। इस फीमेल ट्रक ड्राइवर की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए, बावजूद इन्होंने अपने हाथों में हैवी गाड़ियों के स्टीयरिंग को बड़ी मजबूती से थामे रखा और अपने पिता के कारोबार को आगे बढ़ाने में उनका पूरा साथ दिया।

लेडी ट्रक ड्राइवर काजल गुर्जर भारी वाहनों को चलाने में माहिर हैं। उन्हें दोस्त बुलाते थे डॉन और दबंग दीदी।

काजल ये भी कहती हैं कि उनके पिता को भी एक बेटे की चाह थी, लेकिन जब वे हुईं, तो फिर पिता ने बेटे और बेटी में कोई अंतर नहीं रखा। पिता के चौपट हो रहे बिजनेस को काजल ने बखूबी संभाला, जिस पर पिता जितेंद्र सिंह गुर्जर को भी गर्व है। वे कहते हैं कि विदेशों में युवतियां हैवी मशीनें चला रही हैं, तो हम क्यों दकियानूसी सोच रखें।

पिता ने कहा कि शुरुआत में मुझे भी डर लगता था कि बेटी इस तरह की भारी गाड़ियां कैसे चलाएगी, लेकिन काजल ने हर आशंका को गलत साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। काजल चेन माउंटेन, 12 चक्का, जेसीबी जैसी सभी गाड़ियां बड़ी आसानी से चला लेती हैं। पिता ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वे चांद पर जाकर भी नाम रोशन कर रही हैं।वे दंगल फिल्म का फेमस डायलॉग कहते हैं कि ”म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के”?

काजल सोशल मीडिया पर भी काफी पॉपुलर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 3 लाख से ऊपर फॉलोवर्स हैं।

काजल सोशल मीडिया पर भी काफी पॉपुलर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 3 लाख से ऊपर फॉलोवर्स हैं।

काजल कहती हैं कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी होते ही उन्होंने जेसीबी और हाईवा चलाना सीख लिया था। उन्होंने बीकॉम तक की पढ़ाई की है। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार वो 12 चक्के के हाईवा में मुरुम लोड कर माल छोड़ने गई थीं। बजरंग नगर की तंग गलियों में हाईवा जाकर फंस गई और स्टीयरिंग भी जाम हो गया। हड़बड़ाहट में जब उन्होंने गाड़ी को पीछे किया, तो वो बिजली के पोल से टकरा गई, तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे मोहल्ले की बिजली गुल हो गई। आसपास मौजूद लोग गुस्से में ड्राइवर को मारने के लिए दौड़े, लेकिन जब उन्होंने मुझे बैठे देखा, तो दंग रह गए। बाद में उनके पिता ने आकर मामले को संभाला।

काजल 12 चक्कों के हैवी ट्रकों को रोड पर बेधड़क चलाती हैं। जेसीबी, हाईवा चलाने में माहिर।

काजल 12 चक्कों के हैवी ट्रकों को रोड पर बेधड़क चलाती हैं। जेसीबी, हाईवा चलाने में माहिर।

शराबी ट्रक ड्राइवर से होते थे बहुत परेशान

काजल ने बताया कि उनके पिता जितेंद्र सिंह गुर्जर अपने ट्रांसपोर्ट बिजनेस में शराबी ड्राइवरों से परेशान होते रहते थे। साल 2016 में उन्होंने अपनी जेसीबी और हाईवा को बेचकर बिजनेस बंद कर देने का सोच लिया था। ये देखकर उन्होंने खुद ड्राइवरी सीखी और उनका साथ दिया। आज काजल मुरम खदानों में माल को बहुत तेजी से लोड-अनलोड कर लेती हैं। ये देखकर वहां मौजूद पुरुष ड्राइवर भी उन्हें इन मशीनों को सिखाने की बात कहते हैं।

पिता जितेंद्र सिंह गुर्जर के साथ काजल गुर्जर। पिता ने कहा- मुझे बेटी पर गर्व है।

पिता जितेंद्र सिंह गुर्जर के साथ काजल गुर्जर। पिता ने कहा- मुझे बेटी पर गर्व है।

समाज ने ताना भी मारा, लेकिन हार नहीं मानी

काजल कुछ सालों की प्रैक्टिस के बाद 12 चक्कों के हैवी ट्रकों को रोड पर बेधड़क चलाने लगी। इससे घर में पैसे आने शुरू हो गए। इस पर कुछ लोगों ने परिवार पर तंज कसना शुरू किया। कई लोग पिता से कहते थे कि बेटी से मर्दों वाला काम करवाते हो, बेटी की कमाई खा रहे हो, लेकिन मैंने या पिता ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया।

काजल ने कहा कि हैवी गाड़ियां चलाना उसका शौक है। वो इसे पूरी जिंदगी चलाना चाहेंगी। उन्होंने कहा कि उनके पति राजा साहू को भी उनके काम से कोई दिक्कत नहीं है और वे उन्हें बहुत सपोर्ट करते हैं।

कॉलेज के दोस्त बोलते हैं दबंग दीदी, 3 लाख फॉलोवर्स

कॉलेज की पढ़ाई के दौरान जब काजल के दोस्तों को पता चला कि वो ट्रक चलाने में एक्सपर्ट हैं, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में उसे डॉन और दबंग दीदी कहना शुरू कर दिया। आज काजल सोशल मीडिया पर भी काफी पॉपुलर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 3 लाख से ऊपर फॉलोवर्स हैं। वे लड़कियों को मैसेज देते हुए कहती हैं कि आपको यह कभी नहीं सोचना चाहिए कि हमें सिर्फ चूल्हा-चौका करना है। अपने पैरों पर खुद खड़े होइए, पैसे कमाइए और उसी फील्ड में जाइए, जो आपको अच्छा लगता हो।

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