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तीन माह में व्यापमं-पीएससी से निकली 14 हजार वैकेंसी:जो सिर्फ ग्रेजुएट उनके हिस्से में 254 पोस्ट, इसमें से भी 220 महिलाओं के

आरक्षण मामले में अंतरिम राहत के बाद पिछले तीन महीने में पीएससी व व्यापमं से 14 हजार से ज्यादा पदों के लिए वैकेंसी निकली। लेकिन इसकी परीक्षाओं वे ही लोग शामिल हो रहे जिनके पास ग्रेजुएशन के अलावा बीएड-डीएलएड, पीजी, डिप्लोमा और दूसरी तरह की क्वालिफिकेशन है। यानी जिनके पास सिर्फ ग्रेजुएट की डिग्री है उनके लिए अवसर कम हैं। उधर, प्रदेश की 6 विवि से हर साल करीब दो लाख ग्रेजुएट निकल रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि बीए, बीकॉम, बीएससी की पढ़ाई एक बेस है। लेकिन स्पर्धा में शामिल और सफल होने के लिए इसके अलावा भी कुछ योग्यताएं हासिल करना जरूरी है। ज्यादातर सरकारी नौकरियों में किसी न किसी तरह की विशेषज्ञता की दरकार होती है। 1 मई से लेकर 20 अगस्त तक पीएससी व व्यापमं की ओर से शिक्षक भर्ती, छात्रावास अधीक्षक, आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, सहायक प्रबंधक, सिविल जज, महिला बाल विकास पर्यवेक्षक, लेबर इंस्पेक्टर जैसे 14 हजार पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई। इसमें से ​केवल महिला बाल विकास पर्यवेक्षक के 220 और लेबर इंस्पेक्टर के 34 पद यानी 254 पद के लिए अनिवार्य योग्यता सिर्फ स्नातक मांगी गई। इसमें भी पर्यवेक्षक का पद सिर्फ महिलाओं के लिए है। ऐसे में बीए, बीकॉम व बीएससी करने वाले छात्रों के लिए सिर्फ 34 पद ही निकले हैं। जानकारों का कहना है कि पिछले पांच साल में राज्य में जितनी भी सरकारी वैकेंसी निकली, इसमें सि​र्फ ग्रेजुएट के लिए अवसर कम थे।

भर्तियों में टॉप पर टीचिंग
व्यापमं व पीएससी से तीन महीने में जो 14 हजार पोस्ट निकली हैं उनमें सबसे ज्यादा स्कूल टीचर की हैं। 12489 पदों पर व्याख्याता से लेकर सहायक शिक्षक की भर्ती हो रही है। इस लिहाज से दूसरे क्षेत्र में 1646 पदों के लिए वैकेंसी निकली। पिछले पांच वर्षों में सरकारी स्कूल टीचर व कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए ही ज्यादा पद निकले हैं।

5 साल में 5 हजार पद
जो केवल ग्रेजुएट हैं उनके लिए पांच वर्षों में 5 हजार पद निकले हैं। इसमें राज्य सेवा परीक्षा, पटवारी, लेबर इंस्पेक्टर, महिला पर्यवेक्षक, एसआई भर्ती, फूड इंस्पेक्टर, मंडी निरीक्षक, उप निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक जैसे पद हैं। राज्य सेवा परीक्षा हर साल आयोजित की जा रही है।

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