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Toyota Launches 100 Percent Ethanol Fueled Innova HyCross MPV in India

Toyota ने भारत में लॉन्च की पूरी तरह इथनॉल पर चलने वाली Innova HyCross

जापान की Toyota Motor ने पूरी तरह Ethanol पर चलने वाली दुनिया की पहली कार को भारत में मंगलवार को लॉन्च किया। फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली यह कार कंपनी की लोकप्रिय MPV Innova HyCross पर बेस्ड है। इसे रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मिनिस्टर Nitin Gadkari ने लॉन्च किया। यह खुद इलेक्ट्रिक पावर भी जेनरेट कर सकती है, जिससे इसे EV मोड पर भी चलाया जा सकता है। 

इलेक्ट्रिफाइड Innova HyCross फ्लेक्स-फ्यूल एक प्रोटोटाइप है और यह नए Bharat Stage 6 इमिशन नॉर्म का पालन करती है। इसमें लिथियम-आयन बैटरी पैक दिया गया है। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि इसका देश में बड़ी संख्या में प्रोडक्शन किया जाएगा या नहीं। टोयोटा ने इसमें कोल्ड-स्टार्ट सिस्टम भी जोड़ा है जिससे यह माइनस 15 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी स्टार्ट हो सकती है। Innova HyCross हाइब्रिड MPV 181 bhp की पावर जेनरेट कर सकती है और इसकी माइलेज 23.24 kmpl की है। कंपनी ने बताया कि इसका फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल 30 से 50 प्रतिशत तक अधिक एफिशिएंसी दे सकता है। 

गडकरी ने ऑटोमोबाइल कंपनियों से ऑल्टरनेटिव फ्यूल से चलने वाली कारों को डिवेलप करने के लिए कहा है। हाल ही में गडकरी ने बताया था कि उन्होंने 2004 में देश में पेट्रोल का प्राइस बढ़ने के बाद बायोफ्यूल में दिलचस्पी लेना शुरू किया था और इसके लिए ब्राजील का दौरा किया था। उनका कहना था कि बायोफ्यूल से पेट्रोलियम पर खर्च होने वाले फॉरेक्स की काफी बचत की जा सकती है। गडकरी ने कहा था, “अगर हम आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं तो हमें ऑयल के इम्पोर्ट को शून्य पर लाना होगा। ऑयल के इम्पोर्ट पर 16 लाख करोड़ रुपये का खर्च होता है। यह इकोनॉमी के लिए एक बड़ा नुकसान है।” इस महीने की शुरुआत में गडकरी ने कार क्रैश सेफ्टी टेस्ट और रेटिंग प्रोग्राम भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (NCAP) लॉन्च किया था। अमेरिका, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के बाद भारत इस तरह का प्रोग्राम शुरू करने वाला पांचवां देश है। इसका लक्ष्य कारों की सेफ्टी बढ़ाना है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भारत NCAP का स्वागत किया है। 

इससे भारत में कारों की सेफ्टी बढ़ेगी और एक्सपोर्ट किए जाने वाले व्हीकल्स की बेहतर क्वालिटी को सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके तहत कारों की विभिन्न तरीकों से टेस्टिंग की जाएगी। ये तरीके Global NCAP के अनुसार होंगे। टेस्टिंग के बाद कारों को सेफ्टी रेटिंग मिलेगी। इसके तहत 3.5 टन के मोटर व्हीकल्स के लिए सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को बढ़ाया जाएगा। 

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