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कार्ययोजना की जा रही है तैयार:रावघाट में माइनिंग शुरू होने में 2 साल लगेंगे इसलिए कलवर नागुर शुरू करने की तैयारी

रावघाट में आयरन ओर की माइनिंग शुरू होने में अब भी कम से कम दो साल लगेंगे। इस बीच बीएसपी में विस्तारीकरण परियोजना के पूरा होने के बाद आयरन ओर की डिमांड बढ़ गई है। इसे पूरा करने के लिए प्रबंधन को अपने आरएमडी से आयरन ओर मंगवाना पड़ रहा है। जिसका परिवहन भाड़ा अधिक भुगतान करने से प्रॉफिट प्रभावित हो रहा है।

इसे देखते हुए प्रबंधन ने दो साल तक स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दल्ली राजहरा के पास ही कलवर नागुर में अगले 6 महीने में आयरन ओर की माइनिंग शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इससे कम लागत में बीएसपी को ओर मिलने लगेगा। रावघाट में आयरन ओर की माइनिंग का प्रोजेक्ट करीब 11 वर्ष पीछे चल रहा है। पहले फारेस्ट क्लीयरेंस के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई। अब माइनिंग से जुड़े संसाधन जुटाने में हो रही लेटलतीफी की वजह से प्रोजेक्ट में और देरी हो है।

रावघाट में अब तक न तो क्रशिंग प्लांट स्थापित किया जा सका है न ही माइनिंग से जुड़ी अन्य मशीनें पहुंची है। पेड़ों की कटाई का काम भी शेष है। इस तरह किसी भी स्थिति में रावघाट में माइनिंग दो साल तक शुरू हो पाना मुश्किल है। जबकि बीएसपी विस्तारीकरण परियोजना के पूरा होने के बाद आयरन ओर की डिमांड 9 एमटीपीए से 12 एमटीपीए तक बढ़ गई है। वहीं दल्ली राजहरा में बीते 65 वर्षों की लगातार खुदाई के बाद डिपाजिट खत्म होने की ओर है।

लिहाजा आयरन ओर की डिमांड और उत्पादन के बीच के अंतर को कम करने के लिए अंजरेल में अंतरिम माइनिंग शुरू कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई लेकिन ग्रामीणों के विरोध की वजह से परिवहन को लेकर परेशानी खड़ी हो गई। लिहाजा प्रबंधन कलवर नागुर माइंस से आयरन ओर की माइनिंग शुरू करने की तैयारी में है।

दल्ली राजहरा में 65 वर्षों से लगातार आयरन ओर की माइनिंग होने से डिपाजिट खत्म होता जा रहा है। जिसके कारण माइनिंग का काम और मुश्किल भर हो गया है। वह प्रतिदिन 7 से 9 रैक ही आयरन की सप्लाई कर पा रहा है। जबकि बीएसपी को प्रतिदिन 12 से 15 रैक आयरन ओर की जरूरत है। इसके लिए उसे अपने ही आरएमडी की झारखंड और उड़ीसा की खदानों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है।

कलवर नागुर में बीएसपी के पास 938 हे. की खदान

938.05ः हेक्टेयर खदान। 17ः हेक्टेयर खदान पर बीएसपी करेगा प्रथम चरण में खनन। 63ः फीसद कलवर-नागुर में है आयरन ओर की गुणवत्ता। 7.8ः मिलियन टन आयरन ओर का खनन पिछले साल दल्ली- राजहरा में हुआ। 14 : एमटी आयरन ओर से करीब साढ़े 7 एमटी इस्पात बनता है।

ओए ने रावघाट माइंस का दौरा कर जानकारी ली

आफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बीएसपी के भविष्य की जीवन रेखा रावघाट माइंस का अधिकारिक दौरा किया। प्रतिनिधि मंडल ने ए-ब्लाक का माइनिंग प्रोजेक्ट की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सुझाव दिए। ओए के पदाधिकारियों की टीम ने रेल्वे के प्रोजेक्ट का भी अवलोकन किया। टीम रावघाट माइनिंग प्रोजेक्ट को लेकर आशान्वित है कि रावघाट से आयरन ओर की आपूर्ति धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी।

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