14 सीटों के लिए अलग रणनीति:10 से शून्य पर पहुंची भाजपा को फिर से खड़ा करने के लिए सरगुजा में अमित शाह करा रहे 11 सर्वे

सरगुजा में 10 सीटों से शून्य पर सिमटी भाजपा इस क्षेत्र की 14 सीटों के लिए अलग रणनीति बना रही है। यहां केंद्रीय गृ​ह मंत्री अमित शाह का सबसे अधिक फोकस है। दिसंबर 2022 से उनकी 11 सर्वे टीमें इस क्षेत्र में काम कर रही हैं। इसमें 5 सर्वे टीम अमित शाह की हैं बाकी 6 टीमें विभिन्न एजेंसियां के माध्यम से काम कर रही हैं। ये सर्वे टीमें संगठन, ओम माथुर, जेपी नड्डा के सर्वे से अलग हैं।

हैरान करने वाली बात यह है कि इन 11 टीमों को भी एक-दूसरे के बारे में नहीं पता है। इन लोगों को सरगुजिया, कुड़ख जैसी बोली भी सिखाई गई है। जिससे ये आम लोगों के बीच में जाकर यह पता कर सकें कि भाजपा का जिताऊ उम्मीदवार कौन है। भाजपा यहां धीरे-धीरे कर हार की ओर कैसे बढ़ती गई। हर सर्वे ने 3-3 नाम का पैनल भेजा है। भाजपा ने 21 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, इसमें 5 सरगुजा की सीटें है। अगर उम्मीदवारों को देखें तो साफ नजर आता है कि टिकट वितरण में किसी भी बड़े नेता की नहीं चली है।

डिप्टी सीएम को घेरने की तैयारी

भाजपा अंबिकापुर सीट पर भी जमकर मंथन कर रही है। 2008 के बाद जब यह सीट सामान्य हुई तब से डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ही जीत रहे हैं। जीत का अंतर भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सिंहदेव को घेरने के लिए भाजपा लड़ाकू उम्मीदवार खोज रही है। यहां आलोक दुबे, राजेश अग्रवाल, अनिल सिंह मेजर, कमलभान सिंह मरावी उम्मीदवार की दौड़ में है।

इन दो सीटों पर मशक्कत

पत्थलगांव 1993 से कांग्रेस के पास है। यहां भाजपा गाेमती साय, शिवशंकर पैकरा, शालिक साय, सुरेंद्र बेसरा को मैदान में उतार सकती है। सामरी भी कांग्रेस 2013 से जीतती आ रही है। यहां उद्धेश्वरी पैकरा, रामलखन सिंह, सुदेश पैकरा पर दांव लगा सकती है।

हमेशा हारने वाली सीट

जशपुर
2013 में यह सीट भाजपा के पास थी। 2018 में कांग्रेस जीती। इस बार रायमुनि भगत, गंगाराम भगत, गणेशराम भगत दौड़ में है।

भाजपा के लिए सबसे कठिन सीट सीतापुर है। इसे आजादी के बाद से भाजपा नहीं जीत पाई। इस सीट को जीतने के लिए भाजपा यहां से देवनाथ सिंह पैकरा, भगत पैकरा, प्रभात खलको, अनिल निराला को मैदान में उतार सकती है।

कुछ नए तो कुछ पुरानों पर दांव : पिछली बार हारे इस बार जीतना चाहते हैं

कुनकुरी
2013 में भाजपा के रोहित साय जीते थे। 2018 में कांग्रेस से यूडी मिंज जीते। अभी विष्णुदेव साय, भरत साय नाम चल रहा है।

सोनहत-भरतपुर
2013 मेंं भाजपा जीती थीं। 2018 में कांग्रेस के गुलाब कामरो जीते। यहां से रेणुका सिंह, रविशंकर सिंह, चंपादेवी पावले का नाम दौड़ में है।

मनेन्द्रगढ़
2013 में श्याम बिहारी जायसवाल भाजपा से जीते। 2018 में कांग्रेस जीती। इस बार श्याम बिहारी, संजय सिंह, धमेंद्र पटवा पर दांव लगा सकती है।

बैकुंठपुर
2013 में भैया लाल भाजपा से जीते थे। 2018 में कांग्रेस जीती। इस बार भाजपा भैयालाल राजवाड़े, देवेंद्र तिवारी, शैलेष शिवहरे दौड़ में है।

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