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प्रबंधन की अनदेखी:बीएसपी में कर्मियों का इनसेंटिव 37 साल से नहीं बदला, जबकि उत्पादन 3 गुना बढ़ चुका

बीएसपी में कर्मचारियों के लिए इनसेंटिव स्कीम 1986 से लागू की गई। उसके बाद से अब तक एक बार ही इसमें बदलाव किया गया। वह भी जब जब प्लांट की उत्पादन क्षमता 2.5 से बढ़कर 7.5 एमटी की जा रही थी। उसके बाद से स्कीम में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया। जबकि कर्मियों का कहना है कि उनका काम दोगुना हो गया है। उस हिसाब से इनसेंटिव स्कीम भी रिवाइज की जाए।

बीएसपी प्रबंधन ने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए 1986 में यूनियन के साथ इनसेंटिव स्कीम पर अनुबंध किया। जिसमें 19 रुपए फिक्स इनसेंटिव दिए जाने पर सहमति बनी। उसके बाद से स्कीम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इसके बाद 1989 में प्रबंधन ने एक यूनिवर्सल स्कीम जिसमें प्लांट को तीन ग्रुप में बांटा गया।

यह समझौता स्थानीय स्तर पर हुआ। उसके बाद 2007 में स्कीम को रिवाइज किया गया। उसमें फिक्स इनसेंटिव 19 रुपए ही रखा गया। उसके बाद कई वेतन समझौता हुए लेकिन इनसेंटिव स्कीम रिवाइज नहीं की गई। 6-7 साल पहले तक प्रति कर्मी इस्पात उत्पादन का औसत 250 टन था जो कि बढ़कर 370 टन हो गया है। कम मैनपावर के बाद भी उत्पादन बढ़ना कर्मियों के कंपनी के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसे देखते हुए स्टील इंप्लाइज यूनियन इंटक की कार्यकारिणी बैठक में जारी स्कीम को कर्मियों के हित में नही होना बताते हुए उसमें व्यापक परिवर्तन की मांग की गई।

प्रबंधन से चर्चा करेंगे, मैनपावर उपलब्ध कराने की मांग भी होगी

यूनियन महासचिव वंश बहादुर सिंह ने कहा की टाउनशिप में मितान केन्द्र शुरू करने एवं टाउनशिप के सड़कों का मेंटेनेंस करने टाउनशिप में कामों के सुपरविजन के लिए मैनपॉवर उपलब्ध कराने सहित सभी मांगों को प्रबंधन के समक्ष रखेंगे। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष पूरण वर्मा, एसके बघेल, चंद्रशेखर सिंह, राजन मैथ्यू, गिरिराज देशमुख, शेखर कुमार शर्मा, रमाशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।

फ्लाईओवर के बंद होने से नीचे सड़क पर बढ़ा प्रेशर

वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस रवि ने कहा कि मुर्गा चौक पर स्थित फ्लाई ओवर को भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया है, जिसके कारण वाहन बगल की रोड का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। प्रबंधन जल्द ही सड़क को ठीक करवाएं एवं फ्लाई ओवर का मेंटेनेंस करें।

बंद मितान केंद्र दोबारा शुरू करने की जरूरत

कार्यकारिणी की बैठक में वरिष्ठ सचिव रेशम राठौर ने कहा कि टाउनशिप में संचालित मितान केंद्र को प्रबंधन बंद कर दिया है इसे तुरंत शुरू कराया जाए। सचिव सुनील खरवार ने कहा कि टाउनशिप में सिविल मेंटेनेंस वर्क की सही मॉनिटरिंग की जाए ताकि कंपनी का जितना पैसा लगता है, उसके हिसाब से अच्छी क्वालिटी का काम हो।

हेल्थ सेंटर में चिकित्सकों के व्यवहार से मरीज परेशान

शिव शंकर सिंह ने कहा कि खुर्सीपार हेल्थ सेंटर के डॉक्टर 11 बजे ड्यूटी पहुंचते हैं और मरीज को खिड़की के बाहर खड़े होकर अपनी बीमारी बताने को कहते हैं, उनके देर से आने से कर्मचारी परेशान तो होते ही हैं लेकिन जिस तरीके से पेशेंट के साथ व्यवहार करते हैं उससे वे अपमानित महसूस करते हैं।

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