प्रदेश कांग्रेस की चुनाव समिति की मैराथन बैठक:27 सीटों पर कांग्रेस के सिंगल नाम बाकी में पैनल, पहली सूची जल्द ही

प्रदेश कांग्रेस की चुनाव समिति ने सोमवार काे मैराथन बैठक के बाद करीब 30 नामों पर सहमति बना ली है। इन 30 नामों में 13 मंत्रियों के नाम शामिल हैं। इनके अलावा करीब 17 सीटों पर सिंगल-सिंगल नाम तय किए गए हैं।

ये वो सीटें हैं जहां नाम तय करने के लिए अधिक मारामारी नहीं है, या उनका विरोध नहीं है। इनमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत और विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम के नाम भी हैं। वैसे तो सारे मंत्रियों को टिकट देने पर सहमति बनने का दावा किया जा रहा है लेकिन इनमें एक या दो का क्षेत्र बदले जाने के भी संकेत हैं।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में टिकट बंटवारे के फार्मूले और नामों पर विस्तार से चर्चा हुई है। प्रदेश की 90 सीटों के लिए 2789 लोगों ने आवेदन किया है।

हालांकि अभी इन नामों की अधिकृत घोषणा नहीं हुई है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सितंबर में ही जल्द से जल्द इन नामों का ऐलान हो जाएगा। प्रदेश से जिन नामों पर सहमति हो जाएगी उनको एआईसीसी की चुनाव समिति को भेजा जाएगा। उसके बाद नामों का ऐलान किया जाएगा।

सूत्रों का दावा है कि अभी उन नामों पर पहले विचार किया जा रहा है जिनकाे लेकर अधिक विवाद नहीं है। जिन सीटों पर दो या उससे अधिक नाम हैं, उन पर बाद में विचार किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि भाजपा ने 21 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है।

भाजपा की दूसरी सूची भी जल्द आने की संभावना है। इस कारण कांग्रेस भी भाजपा के टक्कर में लिस्ट जारी करने की योजना बना रही है। इस संबंध में 8 सितंबर को महत्वपूर्ण बैठक होगी और उसके बाद कभी भी सूची जारी की जा सकती है।

जिला अध्यक्षों ने पैनल में अपना नाम ऊपर रखा, बैठक में नाराजगी

चुनाव समिति की बैठक में कुछ जिलाध्यक्षों को लेकर जमकर नाराजगी जताई गई। इन लोगों ने खुद के नाम को पैनल में पहले नंबर पर रखा है। सीएम भूपेश बघेल ने चुनाव समिति में ऐसे जिलाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

बताया जा रहा है कि बैठक में महासमुंद, रायपुर ग्रामीण और दुर्ग से यह बात उठी कि वहां से भेजे गए पैनल में पदाधिकारियों का नाम सबसे ऊपर है। उनमें से कई के खिलाफ संबंधित क्षेत्र से टिकट के दूसरे दावेदारों ने भी प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर उनकी शिकायत की है। बताते हैं कि स्पष्ट निर्देश के बावजूद पदाधिकारियों द्वारा उम्मीदवारी के लिए अपना नाम सबसे ऊपर रखने पर वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की है।

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