अब मिल सकेगा बेहतर इलाज:जिला अस्पताल में पहली बार चेहरे की टूटी हड्डियों की सर्जरी, 6 घंटे की मशक्कत के बाद सफल ऑपरेशन

जिला अस्पताल में अब सड़क दुर्घटना के गंभीर मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज हो रहा है। ऐसे ज्यादातर केस में प्राथमिक उपचार देकर रायपुर रेफर करना अब बंद कर दिया गया है। 31 अगस्त को सड़क हादसे में घायल 18 वर्षीय केशव निर्मलकर के सिर में चोट के साथ 7 जगह से टूटी हड्डियों को जोड़कर ​जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की है। घर वाले केशव को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे।

सबसे पहले न्यूरो सर्जन डॉ. कुलदीप ने उसे स्टेबल किया। अगले सात दिन के इलाज से सिर की चोटों ठीक हुई, तो चेहरे की सर्जरी के लिए क्लीयरेंस दिया। आगे मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. कामिनी डड़सेना और डेंटल सर्जन डॉ. शिवांशी ​अग्निहोत्री का काम शुरू हुआ। शुक्रवार को दोनों ने सुबह 09:30 बजे से दोपहर बाद 03:30 बजे तक 6 घंटे सर्जरी कर ऊपर में 5 जगह और नीचे 2 जगह टूटे जबड़ों को जोड़ दिया।

सर्जरी के लिए बेहोश करना बड़ा चैलेंज रहा

बेहोशी के डॉक्टर बसंत चौरसिया के मुताबिक सड़क हादसे में केशव के जबड़े बुरी तरह टूट गए थे। नाक की हड्डियां तक चूर-चूर हो गई थी। ऐसे में नाक के जरिए वेंटिलेटर सपोर्ट नहीं दे सकते थे। मुंह के अंदर सर्जरी होनी थी, उसमें भी जबड़े बार-बार बंद कर चेक करना था, इसलिए मुंह से भी सांस नाली डालने का चैलेंज था। अच्छा यह कि उसके दांत भी टूट गए थे। इस​लिए वह मुंह से गले में सांस की नली डालकर वेंटिलेटर सपोर्ट दिए और सफल सर्जरी हुई। युवक पूरी तरह स्वस्थ है।

सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद केशव हमारे यहां आया था। सीटी स्कैन कराने पर सिर की चोट तो​ मिली ही, उसके जबड़े 7 जगह से टूटे मिले। हमारे डॉक्टरों ने इतने गंभीर मरीज को रेफर नहीं किया। उसे स्टेबल कर यहीं उसका इलाज किया गया। 6 घंटे सर्जरी कर टूटे जबड़े भी जोड़ दिए गए। आब्जर्वेशन के लिए भर्ती रखा गया है।

डॉ. एके साहू, ​प्रभारी सिविल सर्जन

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