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बैठक में निर्णय:सीएसवीटीयू में रुमाल झपट्टा, पिट्टूल, गेड़ी जैसे छत्तीसग​​ढ़िया खेल शामिल, खिलाड़ियों का भत्ता 250 से बढ़ाकर 350 रुपए किया

छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के खेल कैलेंडर में रुमाल झपट्टा, पिट्टूल और गेड़ी दौड़ जैसे पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। शिक्षा सत्र 2023-24 के दौरान होने वाले अंतर महाविद्यालयीन स्पर्धा में इन खेलों की प्रतियोगिताएं होते हुए दिखेंगी। मंगलवार को तकनीकी विवि की हुई क्रीड़ा समिति की बैठक में यह फैसला किया गया।

इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों, कोच, मैनेजर, आयोजक महाविद्यालय आदि का मानदेय भी बढ़ाया गया है। इसके साथ ही तकनीकी विवि खिलाड़ियों को 250 रुपए के स्थान पर 350 रुपए भत्ता देने वाला राज्य का पहला विवि बन गया है। मंगलवार को हुई बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद सहमति से प्रस्ताव पारित किए गए।

खिलाड़ियों को दूध और जूस के लिए अलग से 50 रुपए देंगे, आवास के लिए 125 रुपए दिए जाने का भी निर्णय

खिलाड़ियों को खेलने के पहले जूस, दूध या फिर एनर्जी ड्रिंक के लिए मूल मानदेय के अतिरिक्त 50 रुपए दिए जाएंगे। समिति का मानना है कि खिलाड़ियों को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है। इससे उसकी एक हद तक भरपाई हो सकेगी। इसके अलावा आवास व्यवस्था के तहत 125 रुपए की सीमा तय की गई है। आयोजक कॉलेज को प्रति खेल क्षति पूरक भत्ता 500-500 रुपए दिए जाएंगे। ट्रैक शूट और प्लेइंग किट के लिए 2300 रुपए दिए जाएंगे। कोच और मैनेजरों को 2-2 हजार रुपए दिए जाएंगे।

क्रीड़ा दर के शुल्क में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव पारित

कुलपति डॉ. एमके वर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। कुलसचिव डॉ. केके वर्मा के मार्गदर्शन में क्रीड़ा प्रभारी डॉ. एसआर ठाकुर ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। प्रत्येक मुद्दों पर विचार विमर्श करने के बाद खेल और खिलाड़ी से जुड़े मुद्दों का प्रस्ताव पास किया गया। इसमें सर्वसम्मति से क्रीड़ा शुल्क की दर 150 रुपए से 250 करने का फैसला किया गया। इसी तरह खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता 150 के स्थान पर 250 रुपए करने और अखिल भारतीय स्तर पर भत्ते की दर 250 रुपए से 350 रुपए की गई।

युवा उत्सव में 12 के स्थान पर अब 16 विधाएं होंगी

शिक्षा सत्र 2023-24 के दौरान होने वाले युवा उत्सव में अब 12 के स्थान पर 16 विधाएं होंगी। नृत्य, गीत, अभिनय, पेंटिंग, कार्टूनिंग, मेहंदी, रंगोली, वाद-विवाद, तात्कालिक भाषण, निबंध, मिमिक्री, माइम आदि को शामिल किया गया है। बैठक में कुलपति ने खेलों को और अधिक प्रभावी ढंग से खेलने व खेल मद का पूर्णतः सदुपयोग करने के निर्देश दिए। कुलसचिव ने खेलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए समस्त सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।

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