हायर पेंशन के लिए ईपीएफओ के पास अब तक नहीं पहुंचे बीएसपी कार्मिकों के रिकॉर्ड

हायर पेंशन योजना को लागू होने के लिए बीएसपी कार्मिकों की इंतजार की घ​िड़यां लंबी होती जा रही है। इसे लागू करने के लिए प्रबंधन को जितने रिकार्ड भेजे जाने थे, उनमें से कई रिकार्ड अब तक नहीं भेजे जा सके हैं। यही स्थिति एनटीपीसी और एनएमडीसी की भी है। इस तरह हायर पेंशन स्कीम को लागू होने में अभी भी कम से कम पांच महीने लगेंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीते अक्टूबर में हायर पेंशन स्कीम को लेकर आदेश दिया था। उसके बाद सेल में इसे लेकर फरवरी में सर्कुलर जारी किया गया।

सर्कुलर जारी करने में पहले ही हो चुकी देरी के बाद सेल प्रबंधन ने हायर पेंशन के लिए नियमित और रिटायर कार्मिकों से आवेदन मंगवाए। योजना के लिए 2014 और उसके बाद रिटायर होने वालों के साथ ही कार्यरत कार्मिकों को ही पात्र रखा गया। वहीं वर्तमान पेंशन से नई पेंशन योजना में कई गुना अधिक होने के कारण कार्मिकों में इसे लेकर जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। बीएसपी में 80 फीसदी से अधिक कार्मिकों ने हायर पेंशन के लिए सहमति दी। वहीं कुछ कार्मिक ऐसे भी हैं जिनके रिटायरमेंट को 10 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, उन्हें लगा कि स्कीम उनके लिए फायदेमंद नहीं हो सकती, क्योंकि अंतर की राशि को जमा करना होगा, जो उनके लिए नुकसानदायक होगी।

पीएफ और एनआर से करना होगा ट्रांसफर ज्यादातर कर्मिकों को हायर पेंशन के लिए 10 से 15 लाख तक जमा करना होगा। इसके लिए उन्हें सीपीएफ और एनआर में जमा राशि ट्रांसफर करना होगा। यहां राशि कम होने का असर ईएफबीएस पर पड़ेगा। सर्विस पीरियड के दौरान मौत होने पर आश्रितों को बचे हुए सर्विस पीरियड तक बेसिक डीए देना है। इसलिए भी प्रबंधन के रवैए पर लगातार उठते रहे हैं सवाल जानकारों के मुताबिक रिकार्ड समय अवधि में ईपीएफओ कार्यालय में जमा नहीं किए जाने से प्रबंधन के रवैए पर सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि रिटायर कार्मिकों को उस स्थिति में पुराने फार्मूले से पेंशन दिया जा रहा है, जिनके दस्तावेज उपलब्ध हैं। बिना उनके तो पुरानी पेंशन योजना भी लागू नहीं की जा सकती थी।

वहीं कार्यरत कार्मिकों के भी सारे रिकार्ड प्रबंधन के पास उपलब्ध हैं। इन स्थिति में ईपीएफओ को रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराए जाने से योजना का क्रियान्वयन अटक गया है। इस प्रकार स्कीम को लेकर संशय की स्थिति​ि बनी हुई है। पेंशन योजना से सेल प्रबंधन ने पहले ही पल्ला झाड़ा हायर पेंशन स्कीम को लेकर सेल प्रबंधन ने पहले ही पल्ला झाड़ चुका है। यह जानकारी ऑनलाइन आवेदन भरे जाने के दौरान सामने आई। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि स्कीम का संचालन ईपीएफओ करेगा। वह कितना पेंशन देगा कितना नहीं, एरियर का भी भुगतान करेगा कि नहीं, सारे निर्णय ईपीएफओ को लेना है।

यानी स्कीम से सेल का कोई लेना-देना नहीं है। इस पर सहमति दिए जाने के बाद ही आवेदन का प्रिंट आउट निकलेगा। एफएसएनएल में कार्मिकों को लेटर जारी हुआ वहीं यह जानकारी भी सामने आ रही है कि एफएसएनएल के कार्मिकों को अंतर की राशि जमा करने के लिए ईपीएफओ ने डिमांड लेटर जारी करना शुरू कर दिया है। हालांकि फिलहाल गिनती के ही लोगों को लेटर मिला है। अब वे अंतर की राशि को जमा करने की तैयारी कर रहे हैं। डिमांड लेटर जारी करने के लिए जरूरी है रिकार्ड का उपलब्ध होना हायर पेंशन की गणना कार्मिक के अंतिम पांच वर्षों के पेंशनेबल सैलरी के आधार पर की जाएगी।

इसके लिए ईपीएफओ को कार्मिकों के सैलरी सहित अन्य रिकार्ड की जरूरत होगी। क्योंकि उसका अवलोकन करने के बाद ही पीएफ कार्यालय संबंधित कार्मिक को अंतर की राशि जमा करने के लिए डिमांड लेटर जारी करेगा। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष एलएम सिद्दीकी ने बताया कि रिकार्ड ईपीएफओ कार्यालय में जमा करने की अवधि समाप्त हो गई है लेकिन बीएसपी सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने इसे जमा नहीं किया है।

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