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तीसरे दिन धरने पर बैठे रहे समाज के लोग:मृतक चंद्रशेखर के परिवार को मुआवजा दिलवाने प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर

कोहका में आदिवासी समाज से आने वाले युवक की हत्या के मामले को लेकर आर्थिक सहायता की मांग जारी है। विश्व ​हिंदू परिषद के अलावा आदिवासी समाज के कुछ लोग स्मृतिनगर पुलिस चौकी के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल भी किया जा रहा है। गुरुवार को भी भूख हड़ताल का क्रम जारी रहा।

विहिप अध्यक्ष राजीव चौबे ने कहा कि बीते कुछ सालों से शहर में देर तक खुली दुकानों, जगह-जगह युवाओं के झुण्ड और खुले आम नशाखोरी से जनता बुरी तरह त्रस्त है। खुर्सीपार में तो मृतक के परिवार को मुआवजे और संविदा नौकरी की घोषणा मुख्यमंत्री ने कर दी, लेकिन कोहका में आदिवासी समाज के मृतक के परिवार की शासन द्वारा कोई सुध नहीं ली गई है।

मृतक के घर में उनकी विधवा पत्नी के अलावा 5 छोटे बच्चे हैं। घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के पश्चात् घर में कमाने वाला कोई सदस्य नहीं है। मृतक चंद्रशेखर ठाकुर के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवज़ा देने और शहर की लचर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की गई है।

प्रदर्शन के दौरान मृतक चन्द्रशेखर ठाकुर के भाई युगल किशोर ठाकुर, उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पारस जंघेल, उपाध्यक्ष ठाकुर निहाल, संदीप चौधरी, सुरेन्द्र सिंह, बजरंग दल के नगर संयोजक रोहित दुबे सहित अन्य शामिल हैं। पहले दिन राजीव चौबे भूख हड़ताल पर थे। दूसरे दिन पारस जंघेल और तीसरे दिन ठाकुर निहाल ने भूख हड़ताल किया। भाजपा नेता भोजराज सिन्हा, महेश वर्मा ने भी समर्थन किया है।

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